*अपर पुलिस अधीक्षक ने महिला पत्रकार को अपनी चौखट से,भगाया**महिला पत्रकार ने की अपर पुलिसअधीक्षककीशिकायतडीआईजीसेडीआईजी ने लिया संज्ञान,महिला पत्रकार नेकीअपरपुलिसअधीक्षककीशिकायतडीआईजीसे,डीआईजी ने लिया संज्ञान*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोंडा। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को जिले में जनता की सेवा व अपराध को कम करने के लिए एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर पोस्टिंग करते हैं लेकिन गोंडा में उसका ठीक उल्टा हो रहा है अधिकारी जनता की सेवा और उनकी समस्या का निस्तारण करके, अभी हाल में ही एक महिला पत्रकार क्षेत्र में हो रही गौकशी की समस्या को लेकर एक लिस्ट कुछ दिन पहले अपर पुलिस अधीक्षक को दिया था, उसी की जानकारी लेने के लिए महिला पत्रकार कुछ दिन बाद अपर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पर गई थी, लेकिन अपर पुलिस अधीक्षक के चौखट पर करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी वहां पर मौजूद आरक्षी ने महिला पत्रकार को अंदर नहीं जाने दिया, फिर कुछ देर बाद अंदर गई तो अपर पुलिस अधीक्षक ने महिला पत्रकार को डांट कर भगा दिया, महिला पत्रकार अपने साथ हुए अभद्रता की लिखित शिकायत डीआईजी से की है। महिला पत्रकार का आरोप है। कि नगर कोतवाली के क्षेत्र से लगातार गौ हत्या की शिकायतें सूत्रों के हवाले से आ रही थी जिसके बारे में पत्रकार चार दिन पहले एडिशनल एसपी से मिल चुकी थी बाकायदा प्रकरण को अवगत करा चुकी थी जिसके बारें में बात करने गई थी कि गौ हत्या वाले प्रकरण में क्या हुआ जब पत्रकार अंदर जाने लगी तो वहीं दरवाजे पर खड़ी सिपाही रीतू यादव अंदर जाने से मना कर दिया। कहां अंदर मीटिंग हो रही हैं पत्रकार वहां करीब आधा घंटा खड़ी थी जबकि कुछ पत्रकार अंदर पहले से मौजूद थे और कुछ पत्रकार बाद में आए सीधे अंदर चले गए। जिनको किसी सिपाही ने नहीं रोका इस पर पीड़ित पत्रकार ने सिपाही से पूछा आपने हमें मना किया तो औरों को क्यों नहीं।जिस पर दरवाजे पर मौजूद सिपाही पुनीत कुमार व रीतू यादव दोनों साथ बोलने लगे की हम पत्रकारों को नहीं रोकेंगे जिस पर पीड़ित ने कहा तो हमे क्यों रोका ये पत्रकारों मे भेदभाव क्यों आवाज़ सुनकर एडिशन एसपी ने अंदर बुलाकर आग बबूला होते हुए बोले क्या हुआ पीड़ित पत्रकार ने जब पूछा कि सर हमको अंदर आने से क्यों रोंका गया इतने में एडिशनल एसपी लाल पीले होते हुए कहने लगे हम नहीं देखेंगे तुम्हारी समस्या भगाओ इनको ऑफिस से पत्रकार ने जब मौके की वीडियो बनाने लगी तो उनकी महिला सिपाही ने पत्रकार के कैमरे को पकड़ लिया वीडियो नहीं बनने दिया साथ ही धक्का मारकर भगा दिया।इतना ही नही पत्रकारों मे भेदभाव और गुस्से से आग बबूले एडिशनल महेंद्र कुमार बार बार उक्त महिला पत्रकार के विरुद्ध गंभीर धाराओं मे प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कह रहे थे।
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