बेसहूपुर में बने पशु शेड में प्रधान पर घोटाले का आरोप: ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोंडा।
विकासखंड मुजेहना के ग्रामसभा बेसहूपुर में प्रधान द्वारा बनवाए गए पशु शेड़ में ग्रामीणों ने घोटाले का आरोप प्रधान पर लगाया है।ग्राम पंचायत के देवी प्रसाद ने उच्चाधिकारियों से कहा कि वर्ष2019-020 में102 लाभार्थियों को पशु शेड दिया गया था जिसमें अन्य ग्रामसभा के लालता प्रसाद,मिठाई लाल व ध्रुवनरायन को पशु शेड दिया गया है।वहीं102 पशु शेड में17 लाभार्थियों को अभी भी शेड नही दिया गया है। जिसे दिया गया है वह विधिक रुप से पात्र भी नहीं हैं।उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान ने शौचालय निर्माण में भी घोटाले करने से नहीं बचे।उसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
मनरेगा के तहत अब प्रखंड क्षेत्र के पशुपालकों को निजी भूमि पर पशु शेड का लाभ मिलना था। पशुपालकों को यह लाभ पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर दिये जाने की योजना बनी। योजना का लाभ पाने के लिए पशुपालकों के पास कम से कम तीन पशु होना अनिवार्य था। इसमें दो प्रकार के पशुपालकों को लाभ दिए जाने की योजना है। जिसमें तीन पशु वाले पशुपालकों को पशु शेड के तहत उनकी निजी भूमि पर शेड, नाद, फर्श व यूरिनल ट्रैक निर्माण पर उन्हें मनरेगा के माध्यम से 80 हजार रुपए तथा छह पशु वाले पशुपालकों को निर्माण कार्य के लिए एक लाख 60 हजार रुपए खर्च किए जाने थे। पशुपालकों को अपनी निजी भूमि पर इसका निर्माण करवाना था। इसके लिए तीन व छह पशु पालने वाले पशुपालकों का सर्वे करने के लिए कहा गया था।लेकिन इन सब योजनाओं की बेसहूपुर ग्राम सभा प्रधान ने धज्जियां उड़ा दी हैं।जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
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