प्रशिशु डाक्टरों को दिया जा रहा है दिहाड़ी मजदूरों से कम मानदेयभाकपा उत्तर प्रदेश ने की अन्य राज्यों के समकक्ष करने की मांग
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
लखनऊ- 10 जुलाई 2020, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मेडिकल कालेजों में प्रशिक्षु ( Interns ) डाक्टरों का मानदेय बढ़ाने की मांग का मजबूती के साथ समर्थन करते हुये मानदेय तत्काल बढ़ाने की मांग राज्य सरकार से की है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा उत्तर प्रदेश के सचिव डा॰ गिरीश ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया की एमबीबीएस पास किये इन प्रशिक्षु डाक्टरों को दिहाड़ी मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्हें 12- 12 घंटे ड्यूटी करने के एवज में मात्र रुपये 7500/- प्रति माह यानी कि 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जारहा है।
जबकि अन्य कई राज्यों में यह मानदेय रूपये 20 हजार प्रति माह या इससे ऊपर हैं। केंद्र सरकार ने भी अपने मेडिकल कालेजेज़ में यह मानदेय बढ़ा कर रु॰ 23,500 प्रति माह कर दिया है। अपने इस शोषण से व्यथित उत्तर प्रदेश के कई मेडिकल कालेजों के प्रशिक्षु डाक्टरों ने मजबूरन हड़ताल की राह पकड़ी है, हालांकि कई जगह वे कोविड- 19 की ड्यूटी को द्रढ़तापूर्वक अंजाम दे रहे हैं।
यह दौर जितना नाजुक है प्रशिक्षु डाक्टरों की मांग भी उतनी ही बाजिव है। अतएव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य सरकार से मांग करती है कि वह प्रशिक्षु डाक्टरों का मानदेय कम से कम अन्य राज्यों के समकक्ष बढ़ाने की फौरन और फौरन घोषणा करे।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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