*ग्राम प्रधान ने पूर्तिनिरीक्षक रामनरायन वर्मा की जांच करवाने का शासन-प्रशासन से की मांग**पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा के संरक्षण में मुर्दे भी ले रहे खाद्यान्न का लाभ**पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा के कोटेदार से मिलीभगत का ग्राम प्रधान ने लगाया आरोप*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोण्डा । पूर्ति विभाग के नए-नए कारनामों से जनपद जहां पूर्व वर्षों में सुर्खियां बटोर चुका है वहीं कोटेदारों द्वारा विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त होने से उनके क्षेत्र के मुर्दे भी अब जाग गए हैं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ कोटेदारों से प्राप्त कर रहे हैं ।
*क्या है पूरा मामला*
जी हां यह सुनकर आपको भी अचंभा लगेगा कि जनपद गोंडा के मुर्दे भी उठा रहे हैं खाद्यान्न लेकिन यह सच है प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के विकास खंड पंङरी कृपाल के ग्राम सभा विसवागनेश खरहटिया का मामला है जहां के कोटेदार राजेश द्वारा गांव के मृतक लालू उर्फ लल्लू पुत्र राम समोखन व राम उरेही पत्नी मातवर के नाम से कोटेदार राजेश द्वारा खाद्यान्न का उठान दिखा दिखाकर अपने स्टाक से खारिज किया जा रहा है । जबकि एक मृतक की मृत्यु 2018 में तथा दूसरे की 2019 में हुई है
इस संबंध में जब ग्रामीणों से वार्ता किया गया तो उन्होंने बताया साहब हम लोग कई बार कोटेदार द्वारा बराबर मानक अनुरूप खाद्यान्न न दिए जाने ,अंगूठा पहले लगवा कर दो दिन बाद बुलाने व मृतक के नाम पर खाद्यान्न खारिज करने की सामूहिक शिकायत जिले के उच्च अधिकारियों से कर चुके हैं । लेकिन पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा की कोटेदार से सांठगांठ होने के कारण वह कोटेदार राजेश के घर बैठकर इनके द्वारा पाले लोगों का झूठा बयान लिख कर मामला रफा-दफा कर देते हैं शिकायत करता हूं का बयान लेना यह मुनासिब नहीं समझते हैं और कोटेदार के साथ मिल बैठकर खाद्यान्न का माल खाते हैं । जिससे शिकायतकर्ता अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं ।
*क्या कहते हैं ग्राम प्रधान*
इस संबंध में ग्राम प्रधान मनीष वर्मा से जानकारी लेने पर उन्होंने बतलाया कि हमारे गांव का कोटेदार राजेश दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है जो गांव वालों को डरा धमका कर समय से मानक अनुसार खदान नहीं देता है प्रति कार्ड 3 से 5 किलो की कटौती करता है और लोगों से मशीन पर अंगूठा लगवाने के दो दिन बाद राशन लेने के लिए बुलाता है ।
वहीं गांव के मृतक व्यक्तियों जिनकी मृत्यु वर्षों पूर्व हो चुकी है उनके नाम से उठान दिखाकर राशन खारिज कर देता है ।
वहीं कई महीने से मिट्टी का तेल गांव वालों को नसीब नहीं हुआ है ।
यह पूरा फर्जीवाड़ा पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा की सह पर यह डंके की चोट पर करता है और कहता है कि जहां शिकायत करनी हो कर लो मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे । गांव वालों द्वारा कई बार कोटेदार द्वारा प्रताड़ित होकर सामूहिक नोटरी शपथ पत्र के साथ शिकायत भी उच्च अधिकारियों से की गई लेकिन जांच में पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा द्वारा कोटेदार से मिलीभगत कर कोटेदार के पक्ष में रिपोर्ट लगाते हुए मामले को रफा-दफा कर दिया गया । जबकि जांच अधिकारी पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा व चंदन कुमार द्वारा शिकायत गांव में किसी भी प्रकार का कोई बयान नहीं लिया गया
हम आपके माध्यम से कोटेदार राजेश के साथ-साथ भ्रष्ट पूर्ति निरीक्षक रामनरायन वर्मा के विरुद्ध शासन प्रशासन से जांच की मांग करते हैं ।
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