*समाचार जिसने अंदर तक हिला दिया * *कम्युनिस्ट पार्टी के संघर्षशील एवं समर्पित नेता कामरेड रमेश मिश्रा(आगरा) का गत रात निधन हो गया*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
कई हफ्तों से अस्वस्थ चल रहे थे और रात कोई 12 बजे उन्होंने अंतिम श्वांस ली।
बीमारी के बावजूद वे पार्टी के प्रति बेहद सजग थे। अभी हफ्ता भी नहीं हुआ कि उन्होंने फोन कर पार्टी की गतिविधियों से अवगत कराया। मेरे द्वारा स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर इतना ही कहा कि भाई गड़बड़ सडबड़ चल रहा है। कहीं से आभास नहीं होने दिया कि वे ज्यादा अस्वस्थ हैं।
अभी वरिष्ठ साथी पूरन खां ने यह समाचार दिया तो मैं हिल उठा। वे 50- 55 सालों से मजदूरों और पार्टी के संघर्षों की अगुवा कतारों में थे। एक ही मंडल- आगरा मंडल से होने के कारण उनसे करीब 40 वर्षों से सहयोगात्मक संपर्क था। पार्टी के पहले वाले इलाहाबाद सम्मेलन पर हम आगरा मंडल के साथियों ने जब आगरा से इलाहाबाद शानदार रथयात्रा "वाम रथ यात्रा" निकाली तो कामरेड लल्लूसिंह चौहान मैनपुरी, का . जितेन्द्र रघुवंशी एवं का. रमेश मिश्रा का अकथनीय सहयोग मिला।
गत कई वर्षों में राज्य कार्यालय का विकास रहा हो या चुनाव, उनकी प्रेरणास्वरूप आगरा पार्टी ने भारी आर्थिक योगदान किया।
अभी कुछ माह पहले ही जब में पार्टी की सालगिरह और का. राजेन्द्र रघुवंशी की जन्मशती पर आगरा गया तो उनके आवास पर पार्टी के बारे में उनसे घंटों चर्चा हुई। राज्य पार्टी की नई कार देख वे बहुत खुश हुये।
वे वर्षों पार्टी के जिला सचिव रहे तथा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य रहे । बिना किसी महत्वपूर्ण पद के भी वे पार्टी का संचालन अब तक करते रहे। सख्त अनुशासन के धनी कामरेड मिश्रा का कोई विकल्प नहीं है।
गत राज्य सम्मेलन (मऊ) में हमने उन्ही से ध्वजारोहण कराया था। उनके उस समय के जोश से सूबे भर के साथी सुपरिचित हैं।
उनके सम्मान के अनुकूल मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं स्वयं तथा भाकपा की प्रदेश राज्य काउंसिल उनके प्रति अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उनके परिवारीजनों- उनकी पत्नी, पुत्र कामरेड नीरज व अन्य के प्रति गहरी सहानुभूति का इजहार करती है।
उनके सम्मान में पार्टी कार्यालय पर ध्वज झुकाया जा रहा है ।
अलविदा कामरेड मिश्रा। आपकी स्मृति, समर्पण और कार्य हमारी स्मृतियों में सदैव सुरक्षित रहेंगे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें