*ईट भट्ठा संचालक सरकारलगा रहे है चूना बिना विनिमय (रॉयल्टी) शुल्क जमा किये कर रहे खनन*
करनैलगंज(गोंडा)। करनैलगंज तहसील क्षेत्र में ईट भट्ठा संचालक सरकार कोई चूना लगा रहे हैं। धड़ल्ले से जेसीबी मशीनों से अवैध मिट्टी खनन कर भट्ठों पर इकट्ठा कर ईंट बनाने का काम किया जा रहा है। ईंट भट्ठों पर बिना विनिमय (रॉयल्टी) शुल्क जमा किये ही ईंट की पथाई करने के लिए रातोंरात जेसीबी मशीनों मिट्टी का खनन कराया जा रहा है। अधिकांश भट्ठों पर मौजूदा समय में मिट्टी एकत्र करने का काम तेजी से चल रहा है।
जिले में ईट भट्टों की संख्या करीब पांच सौ के ऊपर है। जबकि हकीकत यह है कि करनैलगंज तहसील क्षेत्र में ही करीब चार दर्जन भठ्ठे संचालित हैं और उनके द्वारा ईट निर्माण करने के लिए मिट्टी का अवैध तरीके से खनन भी किया जा रहा है। सरकार द्वारा मिट्टी खनन पर प्रतिबंध हटा दिया गया मगर मिट्टी के शिफ्टिंग का काम अवैध करार दिया गया है और ईट भट्ठा संचालकों द्वारा दूसरी जगह से मिट्टी की खुदाई कर मिट्टी ईंट भट्टों पर जमा कराई जा रही है।
जिसका विनिमयन शुल्क अधिकांश भठ्ठा संचालकों द्वारा जमा नही किया गया है। मजे की बात तो यह है कि ईट भट्ठा के संचालन में पर्यावरण विभाग से एनओसी, स्वच्छता प्रमाण पत्र, विनिमय शुल्क की आवश्यकता होती है। मगर अधिकांश भट्ठा संचालक बिना पर्यावरण विभाग की एनओसी व बिना शुल्क जमा किए ही भट्ठों पर मिट्टी एकत्र कर ईट का निर्माण कर रहे हैं। उधर तहसीलदार बृजमोहन बताते है कि मिट्टी खनन के लिए रॉयल्टी विनिमय शुल्क खनन विभाग द्वारा जमा कराया जाता है।
ईंट भट्ठों पर मिट्टी की खुदाई का काम अगर अवैध रूप से चल रहा है तो सभी ईट भट्ठों की जांच कराई जाएगी। उनके पास यदि एनओसी, स्वच्छता प्रमाण पत्र या विनिमय शुल्क जमा रसीद नहीं है तो भट्ठों को सील करके कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यदि किसी के द्वारा जेसीबी से मिट्टी का खनन कराया जाता है तो जेसीबी समेत वाहन हो सीज करा कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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