*मंडल में एक खाद्य प्रसंस्करण विज्ञान केंद्र की हो स्थापना**बहराइच व बलरामपुर में उर्वरकों की रैक लगाई जाए - -आयुक्त श्री महेंद्र कुमार**तीनो सीजन में मक्का उत्पादन को गोंडा के राजस्व अभिलेखों में लाया जाएगा - जिलाधिकारी डॉ0 नितिन बंसल**गोंडा में हल्दी प्रोसेसिंग प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था हो*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
आयुक्त, देवीपाटन मंडल श्री महेंद्र कुमार की उपस्थिति में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एन.आई.सी गोंडा में मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी - 2020 संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता लखनऊ से प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा की गई। इस गोष्ठी में जिलाधिकारी डॉ0 नितिन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी सहित जनपद के प्रगतिशील कृषक श्री अतुल कुमार सिंह ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संपन्न हुई।
आयुक्त ने मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में मंडल की ओर से प्रतिभाग करते हुए कहा कि जनपद बलरामपुर और बहराइच गोंडा से ब्रांडगेज से जुड़ गए हैं। इन जनपदों में रैक प्वाइंट का निर्माण हो चुका है किंतु बलरामपुर और बहराइच में उर्वरकों की रैक न लगने से किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दोनों जनपदों में उर्वरकों की रैक लगाई जाए, ताकि किसानों को उर्वरक समय से प्राप्त हो तथा समय एव व्यय की बचत हो सके। उन्होंने बताया कि जनपद बलरामपुर के विकासखंड तुलसीपुर, हरैया, सतघरवा एवं पचपेड़वा पठारी क्षेत्र में आने व भूमि की निचली सतह पथरीली होने के कारण इन क्षेत्रों में डीप बोरिंग का लक्ष्य बढ़ाए जाने की जरूरत है। ताकि किसानों के लिए अतिरिक्त सिंचाई की व्यवस्था हो सके।
आयुक्त ने जनपद गोंडा के लिए एक जनपद- एक उत्पाद के अंतर्गत मक्का का चयन होने तथा इसका उत्पादन तीनों सीजन में होने के दृष्टिगत तीनों सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने तथा कम से कम एक केंद्र रबी, खरीफ, जायद के लिए खोलने का अनुरोध किया ताकि किसानों को उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने मक्के की फसल हेतु सीड ड्रिल एवं थ्रेसर को अनुदान के श्रेणी में रखे जाने तथा मंडल में एक खाद्य प्रसंस्करण विज्ञान केंद्र की स्थापना किए जाने का भी अनुरोध किया।
जिलाधिकारी श्री डॉ0 नितिन बंसल ने मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में कहां कि जनपद में कृषि निवेश व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि जनपद के दो कृषि विज्ञान केंद्रों के निर्माण के लिए अंतिम किस्त आठ- आठ लाख रुपए अवमुक्त कर दिया जाए, ताकि उनका निर्माण पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि मनकापुर में कृषि विज्ञान केंद्र स्वीकृत हो गया है और उसके लिए जमीन भी उपलब्ध कराई गई है। डीएम ने गोष्ठी में कहा कि जनपद में तीनों सीजन में मक्का उत्पादित होने के दृष्टिगत इसे राजस्व अभिलेखों में भी लाया जाएगा, ताकि तीनों सीजन में जनपद में मक्का क्रय केंद्रों स्थापना हो सकेगी।
गोष्ठी में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ० पी0 के0 गुप्ता ने बताया कि मंडल में इस वर्ष खरीफ फसल
आच्छादन 672296 हेक्टेयर तथा कुल उत्पादन 15.61 लाख हे0 का लक्ष्य रखा गया है। जो गत वर्ष खरीफ के आच्छादन 638286 हे0 तथा प्राप्त उत्पादन 14.46 लाख मै0 टन की अपेक्षा क्रमशः 5.33 व 7.95 प्रतिशत अधिक है।उन्होंने बताया कि मंडल में खरीफ- 2020 में कुल 43967.50 कुंतल बीज वितरण के लक्ष्य के सापेक्ष 45981.05 कुंतल बीज की उपलब्धता कर ली गई है। जो 104.58 प्रतिशत है। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 87.07 प्रतिशत बीजों का वितरण किया जा चुका है।
खरीफ उत्पादकता गोष्टी-2020 में फसलवार उत्पाद, उत्पादकता एवं आच्छादन लक्ष्य, वृद्धि,फसल वार मृदा प्रशिक्षण व कृषि निवेश बीज, व उर्वरक की उपलब्धता तथा फसली ऋण आदि के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई।
जनपद के मनकापुर से आए प्रगतिशील किसान श्री अतुल कुमार सिंह ने गोष्टी में पूछे जाने पर बताया कि जनपद में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्मी कंपोस्ट को बढ़ावा देने हेतु उच्च स्तर से भी व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सूरन, हल्दी वह अदरक की खेती को भी बढ़ावा दिया जाए तथा हल्दी की प्रोसेसिंग के लिए प्रशिक्षण व प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था की जाए। श्री सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि केला का सही मूल्य मिल सके इसके लिए "बाजार सुझाव" की भी व्यवस्था हो ।
गोष्टी में जिलाधिकारी डॉ0 नितिन बंसल , मुख्य विकास अधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी, संयुक्त कृषि निदेशक डॉ0 पी0 के गुप्ता, उपनिदेशक कृषि श्री मुकुल तिवारी, जिला कृषि अधिकारी श्री जे0 पी0 यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।
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